[1]
“नासिरा शर्मा के उपन्यास ‘बहिश्त’ ज़हरा में नारी की देश के प्रति कर्तव्य-परायणता: नासिरा शर्मा के उपन्यास ‘बहिश्त’ ज़हरा में नारी की देश के प्रति कर्तव्य-परायणता और समाज के प्रति उनकी योगदान स्वरूपता”, JASRAE, vol. 16, no. 5, pp. 353–355, Apr. 2019, Accessed: Jan. 20, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10917