बांसवाड़ा में संगमरमर (मार्बल) खनन द्वारा पारिस्थितिकीय अवनयन (बांसवाड़ा जिले के संदर्भ में अध्ययन)

An assessment of marble mining and its environmental impact in Banswara district, Rajasthan

Authors

  • Dr. Laxmanlal Parmar Author

Keywords:

बांसवाड़ा, संगमरमर, मार्बल, खनन, पारिस्थितिकीय अवनयन, राजस्थान, खनिज उत्पादन, औद्यौगिक खनिज, खान, भू-विज्ञान

Abstract

राजस्थान का खनिज उत्पादन की दृष्टि से अति महत्वपुर्ण स्थान है। और देश के कुल खनिज उत्पादन में राजस्थान का योगदान 50 है। राज्य में तरह-तरह की खनिज सम्पदा के विपुल भंडार है। राजस्थान में 30 प्रकार के मुख्य खनिज तथा 15 प्रकार के औद्यौगिक खनिज पाये जाते है।[1] तथा बांसवाडा जिले में खान एवं भू-विज्ञान विभाग के अनुसार 2015-16 में 2 प्रधान खनिज एवं 124 उप्रधान खनिजों का खनन कार्य होता है। जिसमें से 1990-91 में 219 एवं 2015-16 के अनुसार 92 संगमरमर (मार्बल) की खाने बांसवाडा जिले में पायी जाती है।

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Published

2018-09-01