यकृतोत्पत्ति की अवधारणा की व्यवस्थित समीक्षा
DOI:
https://doi.org/10.29070/hjc9we22Keywords:
यकृतोत्पत्ति, आयुर्वेद, शारीर अवयव, भ्रूण विज्ञान, यकृत स्वास्थ्य, बीमारी, मूलभूत तंत्र, हेपेटोजेनेसिस, ऊतक और इमेजिंग, शारीरिक कल्याणAbstract
आयुर्वेद शारीर अवयव उत्पत्ती और रचनासे निगडित विभाग है.आधुनिक शास्त्र मे भ्रूण विज्ञान के रूप में भी जाना जाता है, अध्ययन का एकमात्र क्षेत्र है जो यकृत की समस्याओं के अध्ययन और निदान और उनके इलाज के सर्वोत्तम तरीके के पेशेवर निर्धारण के लिए समर्पित है। इसका लक्ष्य बीमारी में योगदान देने वाले मूलभूत तंत्र पर प्रकाश डालकर बीमारी की बेहतर रोकथाम और इलाज करना है। इसलिये यकृत निर्मिती का ज्ञान बहोत महत्व राखता हेपेटोजेनेसिस एक ऐसा क्षेत्र है जो नवीन प्रयोगात्मक, ऊतक और इमेजिंग दृष्टिकोण के उपयोग के माध्यम से यकृत स्वास्थ्य और बीमारी के कारणों की जांच करता है। यह अध्ययन उत्पत्ती के ज्ञान के साथ जिसमे शारीरिक कल्याण के क्षेत्र में बीमारी के निदान और उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।Downloads
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